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'सेक्सटॉर्शन' का शिकार तो नहीं हैं आप, क्या सेक्सटॉर्शन है ?
 
'सेक्सटॉर्शन' का शिकार तो नहीं हैं आप, क्या सेक्सटॉर्शन है ?

क्या सेक्सटॉर्शन है ?: किसी के कंप्यूटर में सेंध लगाकर सेक्सी पिक्चर या विडियो चुराना या फिर वेबकैम से ऐसा करना। फिर इस कॉन्टेंट के जरिए विक्टिम को ब्लैकमेल करना, उससे फिरौती मांगना इत्यादि। विक्टिम की तस्वीर चुराने और फिर और ज्यादा डिमांड करने के लिए अपराधी सोशल मीडिया को इस्तेमाल करते हैं। इंटरनेट पर सेक्सटॉर्शन करने के मामले बढ़ते चले जा रहे हैं। दूसरों के न्यूड फोटो चुराने के बाद उन्हें ब्लैकमेल करने और इस तरह का और कॉन्टेंट या पैसे मांगने को सेक्सटॉर्शन कहा जाता है। एक अमेरिकी थिंक टैंक ने इस बारे में एक रिपोर्ट पेश की है। इस स्टडी में कई चैंकाने वाली बातें सामने आई हैं।

'सेक्सटॉर्शन' का शिकार तो नहीं हैं आप, क्या सेक्सटॉर्शन है ?

भले ही यह स्टडी अमेरिका में की गई है, मगर दुनिया के अन्य देशों और भारत में भी इस तरह के मामले सामने आ रहे हैं। आगे जानें, क्या है सेक्सटॉर्शन और क्यों इसे लेकर जागरूकता फैलाए जाने की जरूरत है।

'सेक्सटॉर्शन' का शिकार तो नहीं हैं आप, क्या सेक्सटॉर्शन है ?

अमेरिका के लॉ एनफोर्समेंट के अधिकारी भी मानते हैं कि इस तरह के मामले बढ़ रहे हैं। इस तरह के कितने मामले सामने आते हैं, इसका रेकॉर्ड कोई एजेंसी या ग्रुप नहीं रखाता। ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूट ने इस पर एक स्टडी पब्लिश की है। सेक्सटॉर्शन वास्तविक शब्द नहीं है, मगर इस तरह के अपराध के लिए अभियोजक इसी स्लैंग को इस्तेमाल करते हैं।

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थिंक टैंक ने रिपोर्ट में लिखा है कि इसकी एक परिभाषा नहीं है। अगर आप अमेरिका में हैं तो ऐसे मामलों में चाइल्ड पॉर्नॉग्रफी, स्टॉकिंग, एक्सटॉर्शन या हैकिंग मानते हुए मुकदमा चलेगा। ‘सेक्सटॉर्शन’ अलग से कोई अपराध नहीं है। रिपोर्ट कहती है, कानूनी तौर पर इसका कहीं अस्तित्व नहीं है।

'सेक्सटॉर्शन' का शिकार तो नहीं हैं आप, क्या सेक्सटॉर्शन है ?
 
ब्रुकिंग्स इंस्टिट्यूशन ने कहा कि उसने हाल ही के सालों में 78 ऐसे केसों को स्टडी किया है, जो सेक्सटॉर्शन की परिभाषा के तहत आते थे। इन 78 मामलों की सुनवाई अमेरिका के 29 राज्यों और क्षेत्रों में हुई थी और 3 मामले विदेशी न्यायाधिकार के थे। स्टडी में कहा गया है, श्इंटरनेट की वजह से किसी को सेक्शुअली धमकाने या डराने के लिए एक ही देश में होना जरूरी नहीं है।