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कोरोना संक्रमण काल में मृतकों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी का असर, कर्मकांड के लिए नहीं मिल रहे महापात्र

Lucknow COVID-19 News: कोरोना संक्रमण काल में मृतकों की संख्या में हो रही बढ़ोतरी का असर कर्मकांड पर ही पड़ रहा है। मानसनगर के देवेंद प्रताप सिंह के पिता का निधन एक सप्ताह पहले हो गया। पहले दिन तो महापात्र मिल गया, लेकिन अन्य क्रियाओं के लिए अभी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पुरोहित से बात कर कर्मकांड को पितृ पक्ष तक के लिए बढ़ा दिया। अकेले देवेंद्र प्रताप सिंह ही नहीं आलमबाग के राजेंद्र कुमार, मधुबन नगर के सुभाष सिंह सहित कई लोगों ने कर्मकांड को आगे बढ़ा दिया।

लखनऊ में करीब 100 परिवार महापात्र के हैं, जो मृतक उपरांत कर्मकांड कराते हैं। होली के बाद संक्रमण बढ़ा तो मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी हो गई। आलमबाग के महापात्र अशोक पांडेय ने बताया कि सामान्य दिनों में एक महापात्र के पास दो से तीन कर्मकांड प्रतिदिन आते थे। अब आलम यह है कि एक व्यक्ति के पास 10 से 15 कर्मकांड एक दिन में कराने की चुनौती होती है। परिवार के सदस्यों के साथ मिलकर कर्मकांड कराते हैं, लेकिन फिर सभी को समय नहीं दे पाते। आलमबाग के वीआइपी रोड के बैकुंठ धाम की बात करें तो यहां सामान्य दिनों में दो से तीन लोगों का कर्मकांड होता था। वर्तमान में यह संख्या 60 से 80 के बीच हो गई है। ऐसे में मैनेज करने में दिक्कत आ रही है। इसीलिए समय नहीं दे पा रहे हैं।

विश्व भद्र पुजारी पुरोहित महासंघ के प्रमुख पंडित श्याम सुंदर शुक्ला ने महामारी से मृत्यु को प्राप्त होने वाली आत्माओं का और्ध्वदेहिक क्रियाएं जैसे कि अस्थि विसर्जन, षोडशी अर्थात दशवां, एकोच्छिष्ट श्राद्ध अर्थात तेरहवीं आदि को आगे बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजे पत्र में संक्रमण काल में पुरोहितों के मानदेय की मांग की है। उनका कहना है कि कोरोना संक्रमण काल में पुरोहित भी कर्मकांड के लिए जाने से कतरा रहे हैं। लखनऊ में करीब पांच हजार कर्मकांड कराने वाले पंडित व पुरोहित हैं तो मृतक के 10 दिन के बाद का संस्कार कराते हैं। संक्रमण की वजह से कर्मकांड कराने में दिक्कत आ रही है।

विश्व भद्र पुजारी पुरोहित महासंघ के प्रमुख पंडित श्याम सुंदर शुक्ला ने बताया कि सुरक्षा के चलते कर्मकांड ऑनलाइन भी करा रहे हैं। दक्षिणा एकाउंट में आ जाती है और वीडियो कॉल के माध्यम से कर्मकांड करा देते हैं। सुरक्षा के साथ यजमानों को तसल्ली भी हो जाती है। होली के बाद करीब 50 लोगों ने ऑनलाइन वीडियो काल ने कर्मकांड कराए हैं।

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