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UP LATEST NEWS : कोविड हॉस्पिटल में 84 साल के बुजुर्ग बंदी को पुलिसकर्मीयों ने जंजीरों से बेड पर बंधा
 
UP LATEST NEWS : कोविड हॉस्पिटल में 84 साल के बुजुर्ग बंदी को पुलिसकर्मीयों ने जंजीरों से बेड पर बंधा

84 year old prisoner tied up in chain with bed in hospital :जिला कारागार से नॉन कोविड हॉस्पिटल में इलाज कराने आए 84 साल के सजायाफ्ता बुजुर्ग बंदी को पुलिस वाले जंजीरों में जकड़ कर गायब हो गए। बुजुर्ग बंदी के पैर में जंजीर डाल कर उसे बेड से बांध दिया गया।

लखनऊ उत्तर प्रदेश के एटा जिले से बड़ी संवेदनहीनता की तस्वीर सामने आई है। एटा जिला कारागार से नॉन कोविड हॉस्पिटल में इलाज कराने आए 84 साल के सजायाफ्ता बुजुर्ग बंदी को पुलिस वाले जंजीरों में जकड़ कर गायब हो गए। बुजुर्ग बंदी के पैर में जंजीर डाल कर उसे बेड से बांध दिया गया। इसकी तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने पर मामला बड़े अफसरों के संज्ञान में आया तो जेल वार्डर अशोक यादव को निलंबित कर दिया गया है।

उत्तर प्रदेश के एटा जेल में सजायाफ्ता बुजुर्ग बंदी बाबूराम को अस्पताल में जंजीरों से जकड़कर रखे जाने के मामले को डीजी जेल आनन्द कुमार ने बेहद गंभीरता से लिया है। बुजुर्ग बंदी बाबूराम के पैरों में बेड़ी बांधकर रखा गया था। इसकी तस्वीरें इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने पर मामला बड़े अफसरों के संज्ञान में आया। डीजी जेल ने इस अमानवीय कृत्य के लिए जेल वार्डर अशोक यादव को निलंबित कर दिया है। साथ ही विभागीय कार्रवाई भी शुरू करने का आदेश दिया है।

डीजी जेल आनन्द कुमार ने इस गंभीर मामले में पर्यवेक्षण अधिकारी से भी स्पष्टीकरण तलब किया है। डीजी जेल का कहना है कि प्रकरण में जो भी अधिकारी व कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द कुछ अन्य कर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। पर्यवेक्षणीय अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा है। उन्होंने कहा कि इस मामले में किसी भी दोषी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नही जाएगा।

गुरुवार को एटा के अस्पताल में भर्ती 84 वर्षीय कैदी बाबूराम की एक तस्वीर इंटरनेट मीडिया में वायरल हुई, जिसमें बंदी जंजीर से अस्पताल के बेड पर बंधा था। हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे बाबूराम को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एटा जनपद के कुल्ला हबीबपुर गांव का रहने वाले बुजुर्ग बाबूराम हत्या के आरोप में जेल काट रहे हैं। 6 फरवरी 2021 से एटा जेल में हैं।

बता दें कि बुजुर्ग बाबूराम को एटा जेल में सांस लेने में तकलीफ हुई तो जेल प्रशासन ने उसे 9 मई को जिला अस्पताल एडमिट करने के लिए भेजा। जिला अस्पताल में बेड खाली न होने का हवाला देकर उसे अलीगढ़ भेजा गया। अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में भी बेड नहीं मिला तो उसे 10 मई को फिर एटा भेजा गया, जहां उसे जिला अस्पताल में एडमिट कर लिया गया। चूंकि बाबूराम को सांस लेने में सिर्फ तकलीफ थी और कोविड टेस्ट हुआ था लेकिन रिपोर्ट नहीं आई थी। इसलिए उसे नॉन कोविड वार्ड में एडमिट किया गया था।