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आशा भोंसले के जन्मदिन पर सबसे ढेर गाना गावे के विश्व रिकॉर्ड बा उनके नाम
 
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मंगेशकर परिवार के एगो महान सदस्य अउरी हमनी सभके चहेती आशा भोंसले के आज जन्मदिन ह. उ आज 88 साल के हो गइली. आशा भोंसले लता दीदी के छोट बहिन हई आ उनकरे लेखां प्रतिभाशाली अउरी दिग्गज गायिका भी. हालांकि मंगेशकर परिवार में माने कि आशा जी के पिता अउरी महान रंगकर्मी आ शास्त्रीय गायक दीनानाथ मंगेशकर के पाँच गो संतान भइल. लता मंगेशकर, आशा भोंसले, उषा मंगेशकर, मीना खादीकर अउरी हृदयनाथ मंगेशकर. एह में सभे एक से बढ़के एक मशहूर गायक आ संगीतज्ञ भइल. कहल जाव त संगीत एह परिवार के डीएनए में रचल बसल बा.

आशा भोंसले के जन्म 8 सितंबर 1933 के सांगली जिला के एगो मराठी परिवार में भइल. पिता जी सक्रिय रंगकर्मी रहनी आ काफी लोकप्रिय भी रहनी. घरे पर संगीत के अइसन माहौल रहे कि बचपने से आशा गीत संगीत में रम गइली. जब उ 9 साल के रहली तबे उनके पिता जी के मृत्यु हो गइल. घर के माली हालत पहिले से ही खराब रहे, जवन डावांडोल हो गइल.

उनके परिवार तब पूना में रहे, सभे मुंबई चल आइल. इहाँ बड़ बहिन लता अउरी आशा दुनू जानी फिलिम में गाना गावे लागल लोग ताकि परिवार चल सके. आशा भोंसलेआपन पहिला फिल्मी गीत दस साल के उमिर गवली, ‘चला चला नाव बाला’. उनके हिन्दी में गीत गावे के मिलल 1948 में. चुनरिया फिल्म में ‘सावन आया’ उनके पहिला हिन्दी गीत ह. उनके सोलो गीत गावे के मिलल अगिले साल फिल्म ‘रात की रानी’ में, बोल रहे, ‘हमारे दिल पे इख्तियार होना था’.

जब आशा भोंसले गायकी में संघर्ष करत रहली तब लता मंगेशकर, शमशाद बेगम आ गीता दत्त के राज चलत रहे. उनके उहे गाना मिले जवन ई लोग मना कर देव. इहे कारण रहे कि आशा तब छोट बजट के हिन्दी फिल्मन में गीत गावस. उ बी ग्रेड अउरी सी ग्रेड फिल्मन में भी गाना गवली. उनके बाद में जाके जब बिमल रॉय अउरी राज कपूर अपना फिल्मन में गावे के मौका दिहल लोग तब उनके पहचान बनल अउरी आपन अलग टेक्सचर के आवाज से उ पूरा देश के मोह पइली.

उनके 1966 में आर.डी. बर्मन के करियर के पहिला गीत गावे के मौका मिलल जवन उ रफी साहब के साथे डुएट गवली. शम्मी कपूर के फिल्म ‘तीसरी मंजिल’ के वेस्टर्न ट्यून के गाना ‘आजा आजा तू है प्यार मेरा’ बहुत कठिन रहे. आशा जी एकरा खातिर दस दिन रिहर्सल कइली आ जब गीत गवली त उ अमर हो गइल. एह फिल्म में उनके दू गो अउरी सुपरहिट गाना रहे; ‘ओ हसीना ज़ुल्फ़ों वाली जाने जहां’ आ ‘ओ मेरे सोना रे’

राहुल देव बर्मन उर्फ पंचम दा के साथे उनके लगातार हिट गीत आइल. ई जोड़ी बाद में बियाह भी कइल आ पंचम दा के मृत्यु तक ई रिश्ता बढ़िया से चलल अउरी हिन्दी संगीत जगत के एक से बढ़के एक सदाबहार गीत देहलस. जइसे ‘पिया तू अब तो आजा’, ‘दम मारो दम’, ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’ आदि.

 

कई गो हिट डांस नंबर देहला के बाद आशा भोंसलेके ऊपर टैग लाग गइल कि उ अइसने गीत गा सकेली जवन लाउड होखे. बाकिर ई भ्रम उ जलदिए तूर देहली जब संगीतकार खय्याम खातिर उमराव जान में गजल गवली. उनके गावल एगो गजल ‘जुस्तजू जिसकी थी’ के राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलल, ई आशा भोंसलेके करियर के पहिला राष्ट्रीय पुरस्कार रहे. एकरा कुछ साल बाद उनके ‘मेरा कुछ सामान’ गाना आइल जेकरा खातिर उनके दोबारा राष्ट्रीय पुरस्कार मिलल.

 

लता दीदी के आशा भोंसले से शुरुए से बहुत प्यार रहल बा. जब उ छोट रहली त लता मंगेशकर आशा के अपना गोदी में लेके स्कूले जास. एक बार एगो टीचर एक फीस पर दू जाना के पढ़ावे से मना कर देहलस त लता दीदी पढ़ाई छोड़ देहली. दुनू जाना के बीच खटास तब आइल जब आशा भोंसले भाग के बियाह कर लेहली. हालांकि बाद में सभ ठीक हो गइल. फिर भी अफवाह उड़ेला कि एक टाइम में दुनू जाना एक दूसरा के देखे ना चाहे लोग.